भोपाल, 20 अगस्त।
राजधानी में मेट्रो निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। निशातपुरा थाने के सामने निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन के पास मंगलवार रात ऊपर से एक भारी सरिया अचानक सड़क पर चल रही कार के ऊपर आ गिरा। कार में सवार 90 वर्षीय बुजुर्ग बाल-बाल बच गए, हालांकि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद परिवार ने मेट्रो निर्माण एजेंसी यूआरसी के खिलाफ निशातपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के मुताबिक बैरसिया रोड स्थित हर्रा खेड़ा निवासी माहेश्वरी परिवार अपने 90 वर्षीय पिता का उपचार कराने के बाद घर लौट रहा था। रात में उनकी कार जैसे ही निशातपुरा थाने के सामने निर्माणाधीन स्टेशन के पास पहुंची, तभी ऊपर से एक भारी सरिया कार पर गिर गया। अचानक हुए हादसे से कार में बैठे लोग घबरा गए। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद परिजनों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस जगह भारी निर्माण गतिविधियां चल रही हैं, वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम दिखाई नहीं देते। परिवार ने सवाल उठाया कि जब चलती कार पर सरिया गिर सकता है, तो पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है।
भोपाल में मेट्रो निर्माण के दौरान लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले करोंद चौराहे पर पिलर का लोहे का जाल गिर चुका है। करोंद चौराहा क्रॉसिंग पर पोकलेन मशीन की चपेट में आने से बिजली के तार टूट गए थे और शहीद भगत सिंह की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हुई थी। लगातार सामने आ रही घटनाओं से निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसियां काम तेजी से पूरा करने के दबाव में सुरक्षा प्रबंधों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दे रही हैं। उनके अनुसार भारी मशीनें, खुले सरिये, असुरक्षित ढांचे और कमजोर बैरिकेडिंग आम लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन और मेट्रो प्रबंधन को निर्माण की प्रगति के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। हादसे के समय निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और निर्माण एजेंसी ने कौन-कौन से एहतियाती कदम उठाए थे, इसकी पड़ताल की जा रही है। मेट्रो प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
भोपाल मेट्रो परियोजना का एक हिस्सा परिचालन में है, वहीं शहर के कई इलाकों में निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में सामने आ रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। निशातपुरा की घटना ने यह सवाल फिर खड़ा किया है कि निर्माण की गति के साथ सुरक्षा मानकों का पालन कितना सुनिश्चित किया जा रहा है।















