प्रयागराज, 20 अगस्त।
गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के कारण प्रयागराज का संगम क्षेत्र जलमग्न हो गया है। सामान्य दिनों में जहां सड़कों पर वाहन चलते थे, वहां अब नावें चल रही हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगम क्षेत्र में लोग सड़कों पर ही स्नान कर रहे हैं और पानी लेटे हनुमान मंदिर की बाउंड्री तक पहुंच गया है। पंडित और तीर्थ पुरोहित अपना सामान सुरक्षित निकालकर ऊंचे स्थानों पर ले जा रहे हैं।
शहर में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बाढ़ के पानी के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
भारी बारिश के कारण उत्तर पूर्व रेलवे के रामबाग स्टेशन के रेलवे ट्रैक और यार्ड में भी पानी भर गया है। इसके चलते रामबाग स्टेशन से शुरू और समाप्त होने वाली चार यात्री ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से झूंसी स्टेशन से किया जा रहा है। पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यार्ड में दोबारा पानी भरने की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज जंक्शन, नैनी और प्रयागराज छिवकी स्टेशनों पर फिलहाल जलभराव की सूचना नहीं है और यहां से ट्रेनें निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं।
शहर के कई निचले इलाके भारी बारिश से जलमग्न हैं। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें जल निकासी के काम में जुटी हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी प्रयागराज में जलभराव का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को फटकार लगाई है। अदालत ने अधिकारियों को शहर में उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।















