लखनऊ, 21 अगस्त।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने वंदे मातरम् गायन को लेकर चल रही सियासी चर्चा पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान बुनियादी समस्याओं से भटकाने के लिए अक्सर नई सरकारें अपने राजनीतिक लाभ और स्वार्थ के चलते पुरानी सरकारों के बनाए गए कानूनों में बदलाव करती रहती हैं।
मायावती ने शुक्रवार को आगे कहा कि देश में इस बात को लेकर बहस छिड़ी है कि वंदे मातरम् पूरा गाना चाहिए, उसके शुरुआती दो छंद गाने चाहिए या फिर नहीं गाने चाहिए, और इस समय जो राजनीति इस पर चल रही है वह पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में उनकी पार्टी का मानना है कि संसद में हाल ही में जो कानून पास हुआ है, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्यों में जब भी सत्ता परिवर्तन होता है, तो तमाम पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थों के तहत या अपनी कमियों पर से आम जनता का ध्यान बंटाने के लिए ऐसे कदम उठाती हैं और एक-दूसरे के बनाए कानूनों को बदलती रहती हैं।
मायावती ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज देश में बेरोजगार युवाओं, जेन-जी, जी-अल्फा और बाढ़ जैसी गंभीर समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की अत्यधिक आवश्यकता है। देशहित और जनहित के लिहाज से यही समय की सबसे बड़ी और जरूरी मांग है।















