लखनऊ, 21 अगस्त।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को भारत और जापान के युवाओं से दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने में भूमिका निभाने का आह्वान किया। लखनऊ में भारत-जापान संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी।
इस प्रतिनिधिमंडल में यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी, जापान के 13 हाईस्कूल छात्र और लखनऊ के विभिन्न स्कूलों के 20 छात्र शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक रिश्ते कक्षाओं, विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और युवाओं के बीच बनते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोनों देशों के विद्यार्थियों को एक-दूसरे की संस्कृति, मूल्यों और जीवन शैली को समझना चाहिए। साथ मिलकर सीखने और अनुभव साझा करने से भारत-जापान संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के छात्र आने वाले समय में भारत-जापान साझेदारी के प्रभावी राजदूत बनेंगे। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होंगे, जो साझेदारी को नई ऊंचाई देने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि जापान अपनी तकनीक, परंपरा और प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। जापान की इकिगाई, टीमवर्क और आपसी सम्मान जैसी विशेषताओं को भारत के युवा कौशल और प्रतिभा के साथ जोड़ने से दुनिया के सामने नई संभावनाएं पैदा होंगी।
योगी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज वे विद्यार्थी हैं, लेकिन भविष्य में वैज्ञानिक, कलाकार, खिलाड़ी, नीति निर्माता और वैश्विक नेता बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोच और प्रयास दोनों देशों के भविष्य को आकार देंगे।
मुख्यमंत्री ने भारत-जापान साझेदारी को भारत की परंपरागत विचारधारा वसुधैव कुटुंबकम से जोड़ते हुए कहा कि पूरी दुनिया को परिवार मानने की भावना दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ मंत्र का भी उल्लेख किया।
योगी आदित्यनाथ ने जापानी छात्रों की उत्तर प्रदेश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि छात्र अवध क्षेत्र में हैं और अयोध्या यहां से करीब है। इसके अलावा उन्होंने आगरा में ताजमहल का दौरा किया है और आगे वाराणसी व सारनाथ जाएंगे, जहां भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था।
यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी ने भारत और जापान के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करने की जरूरत बताई। उन्होंने दोनों देशों के छात्रों से टीमवर्क की भावना के साथ आगे बढ़ने और संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान देने की अपील की।
जापानी छात्रों ने भी भारत यात्रा को लेकर उत्साह जताया और भारतीय विद्यार्थियों के साथ भविष्य में अधिक संवाद व सहयोग की इच्छा व्यक्त की।















