अपने एक बड़े साहब के भरोसे कुछ ताकतवर खनन माफिया से सीधे भिड़ना भारी पड़ गया। जब कार्रवाई को जस्टिफाई करने का मौका आया तो जिनके भरोसे माफियाओं से लोहा लेने दरोगा जी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, उन्हीं बड़े साहब ने हाथ खींच लिए।
अब अपनी जांच करा रहे दरोगा जी अपने साथियों से यही कह रहे हैं कि हमने भी आखिर किस पर भरोसा कर लिया।















