अच्छी माइनिंग और घने जंगलों के लिए मशहूर एक जिले के साहब इन दिनों एक बड़े साहब की बढ़ती फरमाइशों से लगातार परेशान हैं।
साहब ने पहले रेत-गिट्टी का सहयोग मांगा, फिर दरवाजे-खिड़कियों की मांग की और अब फर्नीचर की भी डिमांड कर दी है। लगातार बढ़ती मांगों ने साहब को घनचक्कर बना रखा है। सहयोग अब समस्या का रूप लेता जा रहा है और फरमाइशों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।















