अयोध्या, 21 अगस्त। श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन शुक्रवार को मंदिर निर्माण के संबंध में नृपेंद्र मिश्रा ने सर्किट हाउस में पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनना देश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लंबे सपने का साकार होना है। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की गुरुवार को जारी चिट्ठी में अपना नाम होने के सवाल पर उन्होंने दो टूक कहा कि उन्होंने वह पत्र देखा ही नहीं है और कुछ लोग अनावश्यक रूप से इस पर विवाद कराना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण में केंद्र या राज्य सरकार का एक भी रुपया नहीं लगा है, बल्कि यह पूरा काम देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा ट्रस्ट के माध्यम से एकत्रित किए गए धन से ही कराया जा रहा है।
नृपेंद्र मिश्र ने आगे बताया कि तय किए गए लगभग 70 प्रमुख निर्माण कार्यों में से करीब 60 कार्य पूरे हो चुके हैं। पूरे हो चुके सभी निर्माण कार्यों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है, और अब उनका नियमित रखरखाव ट्रस्ट द्वारा ही किया जाएगा।
परिसर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ने का काम तेजी से किया जाएगा। नृपेंद्र मिश्र ने यह भी कहा कि अब संग्रहालय, भव्य ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें संग्रहालय की गैलरी नंबर-7 पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं से प्रवेश शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के साक्षात्कार के संबंध में उन्होंने कहा कि वह इस चयन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।















