भोपाल, 21 अगस्त।
भारत के शीर्ष राइफल निशानेबाज और दो बार के ओलंपियन ऐश्वर्य प्रताप तोमर ने सरकारी नौकरी के वादे पर अमल नहीं होने से नाराज होकर मध्य प्रदेश छोड़ने के संकेत दिए हैं। खंडवा निवासी 26 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि लंबे समय से रोजगार को लेकर बनी अनिश्चितता उन्हें भविष्य को लेकर सोचने पर मजबूर कर रही है।
ऐश्वर्य तोमर आगामी एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार पदक जीतने के बाद भी अगर अपनी योग्यता साबित करनी पड़े तो यह निराशाजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए और कितने पदक जीतने होंगे।
विश्व स्तर पर पहचान बना चुके तोमर ने कहा कि वह फिलहाल एशियन गेम्स तक इंतजार करेंगे और उम्मीद है कि राज्य सरकार अपने वादे को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी नौकरी को लेकर फैसला नहीं हुआ तो वह मध्य प्रदेश से बाहर अवसर तलाशने पर विचार करेंगे।
तोमर ने बताया कि वह 26 वर्ष के हो चुके हैं और यदि अब भविष्य को लेकर कदम नहीं उठाए गए तो आगे नौकरी के अवसर भी प्रभावित हो सकते हैं। उनके अनुसार, नौकरी मिलने से खेल के अलावा मानसिक स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी का आश्वासन कई बार दिया गया, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उनका मानना है कि खेल करियर के साथ भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी जरूरी है, ताकि वह बिना किसी चिंता के अपनी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
ऐश्वर्य तोमर की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि कुछ अन्य राज्य उन्हें बेहतर पद और सुविधाएं देने के लिए तैयार हैं। इन प्रस्तावों में आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में ही अपनी शूटिंग प्रतिभा को निखारने वाले तोमर ने देश के लिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके बावजूद नौकरी को लेकर हो रही देरी से वह खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
यह मामला देश के कई खिलाड़ियों के सामने आने वाली समस्या को भी दर्शाता है, जहां खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करते हैं, लेकिन उन्हें समय पर संस्थागत सहयोग और रोजगार सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
खेल प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में कुछ औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं और समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, अन्य राज्यों से मिल रहे प्रस्तावों ने तोमर की नाराजगी और बढ़ा दी है।
एशियन गेम्स नजदीक आने के बीच ऐश्वर्य तोमर के सामने अब बड़ा फैसला है। उन्हें एक ओर अपने गृह राज्य से जुड़े रहने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर बेहतर अवसर देने वाले विकल्प भी सामने हैं। अब यह राज्य सरकार पर निर्भर है कि वह इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मध्य प्रदेश में बनाए रखने के लिए कितनी जल्दी कदम उठाती है।















