नई दिल्ली, 21 अगस्त।
केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कम उत्पादन के अनुमान के बावजूद सरकार ने भरोसा दिलाया है कि चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को स्थिर रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि चीनी की हालिया कीमतों में बढ़ोतरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए इथेनॉल उत्पादन में चीनी के उपयोग को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2022-23 में इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का उपयोग करीब 12 प्रतिशत था, जो वर्ष 2025-26 में घटकर लगभग नौ प्रतिशत रह गया है।
मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में देश में तैयार होने वाले इथेनॉल का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अनाज, विशेष रूप से मक्का से प्राप्त किया जा रहा है। इसलिए चीनी के दाम बढ़ने का मुख्य कारण इथेनॉल के लिए चीनी का अधिक इस्तेमाल नहीं है।
सरकार के अनुसार, चीनी की कीमतों में वृद्धि कई कारणों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है। इनमें घरेलू उत्पादन में कमी, त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग, मौसम के कारण फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी और कुछ वर्गों की ओर से जमाखोरी व अटकलें शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि सरकार चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर नजर बनाए हुए है, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।















