धार, 21 अगस्त।
भोजशाला परिसर में शुक्रवार को दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। हिंदू समाज ने यहां पूजा-अर्चना के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया, वहीं परिसर के पीछे उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित जमीन खसरा नंबर 612 पर मुस्लिम समाज ने जुमे की नमाज अदा की।
प्रशासन ने नमाज और पूजा कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। भोजशाला और नमाज स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। नमाज स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई और पूरे क्षेत्र को सफेद पर्दों से ढक दिया गया, जिससे अनधिकृत प्रवेश रोका जा सके। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार दोनों समुदायों के लिए आने-जाने के रास्ते अलग-अलग निर्धारित किए गए थे।
नई व्यवस्था के तहत यह चौथा शुक्रवार था। इस बार नमाज के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या पहले के शुक्रवारों की तुलना में अधिक रही। करीब 400 से 500 नमाजी निर्धारित स्थान पर पहुंचे। मुख्य द्वार तक नमाजियों की मौजूदगी रही। दूसरी ओर, भोजशाला में दोपहर के समय हनुमान चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन जारी रहा। श्रद्धालुओं ने पूजा और दर्शन किए। इस दौरान घंटे-घड़ियाल, झांझ-मंजीरे और शंख की ध्वनि से परिसर गूंजता रहा।
पिछले शुक्रवार को आवागमन के दौरान उत्पन्न हुई स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार व्यवस्थाओं में बदलाव किए थे। कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने सुबह भोजशाला परिसर, नमाज स्थल और आसपास के मार्गों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह के टकराव की स्थिति से बचने के लिए दोनों पक्षों के आने-जाने का समय और रास्ता अलग रखा गया।
संवेदनशीलता को देखते हुए भोजशाला परिसर के बाहर तीन स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा निगरानी के लिए मोबाइल सर्विलांस वाहन और 180 डिग्री कैमरों की सहायता ली गई। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी।
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के पालन के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके तहत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार दोनों समुदायों के लिए अलग प्रवेश और निकास व्यवस्था सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था बनाई गई है।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि पिछले दो दिनों से विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों से चर्चा कर उन्हें न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था में करीब 1,000 जवानों के साथ तकनीकी निगरानी, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस और प्रशासन ने भोजशाला, नमाज स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है। दोनों समुदायों के आवागमन के रास्ते अलग रखे गए हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे ने कहा कि हिंदू समाज प्रत्येक शुक्रवार को हनुमान चालीसा पाठ करता आया है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा का जो अधिकार मिला है, उसी के अनुसार पूजा-पाठ किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नमाज से उनका कोई संबंध नहीं है और न्यायालय के आदेश के अनुसार पूजा की जा रही है। उन्होंने कहा कि भोजशाला मां सरस्वती का स्थान है और यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना का क्रम जारी है।















