लंबे समय से मुख्यालय में पदस्थ एक साहब, जो तीन जिलों में कप्तान की लंबी पारी खेलकर अभी कुछ महीने पहले ही कम महत्वपूर्ण विभाग में पदस्थ हुए हैं, लेकिन उन्हें यह रास नहीं आ रहा।
दिल्ली में एक बड़े साहब से उन्होंने मिलकर यह आग्रह किया कि भाई साहब, हमें भी आपके क्षेत्र में सेवा करने का अवसर दीजिए।















