नई दिल्ली, 21 अगस्त।
दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली दवा घोटाला मामले में आरोपित राजीव रंगीला की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। स्पेशल जज विद्या प्रकाश ने कहा है कि इस याचिका पर फैसला 25 अगस्त को सुनाया जाएगा।
सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) की ओर से पेश वकील कुमार संजय ने राजीव रंगीला की अग्रिम जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत में कहा कि आगे की जांच के लिए आरोपित की जरूरत है और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका है।
एसीबी की ओर से कहा गया कि राजीव रंगीला को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। आरोप लगाया गया कि रंगीला ने अधिक कीमतों पर सामानों की आपूर्ति की और वह मेडिकल उपकरणों का निर्माण भी नहीं करता था, जो टेंडर की मुख्य शर्तों में शामिल था।
जांच एजेंसी के अनुसार, रंगीला ने करीब 100 बैंक खातों में अपने रिश्तेदारों को पैसे भेजे थे।
इससे पहले 18 अगस्त को अदालत ने दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्व महानिदेशक डॉ. वत्सला अग्रवाल को चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी। वहीं, 17 अगस्त को मामले के आरोपित डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
दोनों आरोपितों को एंटी करप्शन ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। इन पर दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में करीब 700 करोड़ रुपये की गड़बड़ी से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है।
मामले में एंटी करप्शन ब्रांच ने सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर 2 जून को एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में लगभग 700 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर के अनुसार, इस कथित गड़बड़ी में दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय और दिल्ली सरकार की केंद्रीय खरीद एजेंसी की भूमिका बताई गई है।















