इस्लामाबाद, 21 अगस्त।
रावलपिंडी की आदियाला जेल में अगस्त 2023 से कैद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आखिरकार उच्चतम न्यायालय के सख्त निर्देशों के अनुपालन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में दाखिल करा दिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार अदालत द्वारा तय की गई समय सीमा समाप्त होने से कुछ ही पल पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक को अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब वहां तैनात विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल इमरान खान के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उनके अस्पताल में भर्ती रहने को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। अस्पताल में उनके पहुंचने से पूर्व पुलिस महानिरीक्षक सैयद अली नासिर रिजवी ने व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर संपूर्ण सुरक्षा तंत्र का जायजा लिया था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ही यह स्पष्ट आदेश दिया था कि पूर्व प्रधानमंत्री को दो दिनों के भीतर जेल से अस्पताल शिफ्ट किया जाए, जिसके विरोध में संघीय सरकार ने एक पुनर्विचार याचिका भी दायर कर दी थी।
अस्पताल परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं तथा भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती के साथ सड़क किनारे खड़े सभी वाहनों को वहां से हटा दिया गया है। इमरान खान को जेल से बाहर लाने से पहले स्थानीय प्रशासन ने औपचारिक तौर पर पीटीआई चेयरमैन बैरिस्टर गोहर खान को इसकी सूचना मुहैया कराई थी।
अप्रैल 2022 में अविश्वास मत के जरिए सत्ता से हटाए गए 73 वर्षीय इमरान खान इस समय कई संगीन मामलों का सामना कर रहे हैं। इस घटनाक्रम के बीच पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इलाज के बाद इमरान खान को उनके बानी गाला आवास पर रखा जाएगा या नहीं, क्योंकि कानूनन किसी भी उपयुक्त इमारत को उप जेल का दर्जा दिया जा सकता है, और यदि चिकित्सक उन्हें वापस जेल भेजना उनकी सेहत के लिए हानिकारक बताते हैं तो इस विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।
न्यायालय ने अपने मंगलवार के फैसले में आदियाला जेल प्रशासन को यह साफ निर्देश दिया था कि वह पीटीआई संस्थापक को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए दो दिन के भीतर शिफा अस्पताल पहुंचाएं। अदालत के आदेशानुसार इमरान खान के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है तथा इलाज की पूरी प्रक्रिया के दौरान डॉ. उजमा और उनके निजी चिकित्सक की मौजूदगी अनिवार्य की गई है, जिसका पूरा वित्तीय खर्च उनका परिवार ही वहन करेगा।















