वॉशिंगटन, 21 अगस्त।
ईरान को लेकर अमेरिका की ओर से बढ़ते दबाव के बीच चीन ने कहा है कि प्रतिबंध और दबाव किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं। चीन ने अमेरिका की उस नीति पर सवाल उठाए, जिसमें ईरान की अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करने के लिए नए प्रतिबंधों और दबाव की बात कही गई है।
अमेरिकी अधिकारियों ने सहयोगी देशों और चीन से ईरान के खिलाफ शुरू किए गए अभियान में साथ आने की अपील की है। अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान की अर्थव्यवस्था पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध इतिहास के सबसे सख्त प्रतिबंध होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि इस कदम से बड़े सैन्य अभियानों की जरूरत कम हो सकती है।
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान की मदद करने वाले देशों को आर्थिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दिए जाने के बाद आया है। ट्रंप ने ईरान को किसी भी तरह की सहायता उपलब्ध कराने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
अमेरिका ने ईरान को अलग-थलग करने की रणनीति बनाई
अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों और चीन से ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है। अमेरिकी पक्ष ने कहा है कि उसका उद्देश्य तेहरान की सरकार पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाना है।
वहीं चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि प्रतिबंध और दबाव से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान तलाशने पर जोर दिया।















