मुंबई, 21 अगस्त।
निर्देशक राजकुमार संतोषी ने अपनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में अभिनेता सनी देओल को भारतीय मुस्लिम किरदार में लेने के फैसले को सही ठहराया है। 14 अगस्त को रिलीज हुई यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी और उस दौर में आम लोगों के दर्द को केंद्र में रखकर बनाई गई है।
फिल्म में सनी देओल का अलग तरह का किरदार दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना, क्योंकि अभिनेता की पहचान मुख्य रूप से देशभक्ति और एक्शन फिल्मों से जुड़ी रही है। ऐसे में उन्हें मुस्लिम किरदार में देखना कई लोगों के लिए नया अनुभव रहा।
राजकुमार संतोषी ने बताया कि इस फिल्म का विचार उनके मन में करीब 15 साल पहले आया था। उस समय पाकिस्तान और मुस्लिम किरदारों से जुड़ी कहानियों पर फिल्म बनाना काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता था।
निर्देशक के अनुसार, सनी देओल को भारतीय मुस्लिम भूमिका में प्रस्तुत करना आसान फैसला नहीं था, लेकिन उन्हें विश्वास था कि अभिनेता अपनी अभिनय क्षमता से इस किरदार को पूरी ईमानदारी के साथ निभा पाएंगे। उन्होंने सनी देओल के समर्पण और मेहनत की भी प्रशंसा की।
फिल्म के किरदार को वास्तविक रूप देने के लिए सनी देओल ने कुरान की आयतों का पाठ भी किया, ताकि भूमिका में प्रामाणिकता दिखाई दे सके।
‘बंटवारा 1947’ को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रही हैं। वहीं, कुछ धार्मिक नेताओं ने फिल्म में दिखाए गए एकता और भाईचारे के संदेश की सराहना की है।
हालांकि, शुरुआती सप्ताह के बाद फिल्म का प्रदर्शन बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के अनुसार मजबूत नहीं रहा। इसके बावजूद राजकुमार संतोषी को भरोसा है कि दर्शक फिल्म के मूल विचार और संदेश को समझेंगे।
संतोषी का कहना है कि फिल्म का उद्देश्य किसी भी धर्म को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि सह-अस्तित्व, आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना को सामने लाना है।















