भोपाल, 21 अगस्त।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण कई जिलों में बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश हो रही है। नर्मदा और मंदाकिनी नदी सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
स्थिति को देखते हुए मैहर में शुक्रवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। वहीं डिंडौरी में आंगनवाड़ियों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन इलाकों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है।
भारी बारिश को लेकर ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भी चेतावनी जारी की गई है।
इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
बैतूल, हरदा, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
मऊगंज में गुरुवार को अष्टभुजा नदी उफान पर आ गई। तेज बहाव के कारण नईगढ़ी गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए। अमृत योजना के निर्माण कार्य में लगे चार मजदूर पानी में फंस गए, जिनमें से एक मजदूर बह गया।
बताया गया कि बहा मजदूर करीब दो घंटे तक मदद के लिए आवाज लगाता रहा। उमरिया में भी एक बुजुर्ग के बाढ़ के पानी में बहने की सूचना मिली है।
डिंडौरी में भारी बारिश के चलते आंगनवाड़ी से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। वहीं खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर पहुंचने से डिंडौरी-मंडला मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी बाजार क्षेत्र तक पहुंच गया। कई रास्तों पर नावों की मदद लेनी पड़ी। गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
रीवा के निराला नगर हॉस्टल समेत नौ इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। कई घरों और दुकानों में पानी भरने से सामान खराब हो गया। वहीं पन्ना में एहतियात के तौर पर 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ और अन्य मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं।
प्रदेश में अब तक 599 मिलीमीटर यानी 23.6 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक 675.1 मिलीमीटर यानी 26.6 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश के 39 जिलों में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश सामान्य से कम रही है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
इसके विपरीत अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।















