लखनऊ, 22 अगस्त।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जयंत चौधरी को लेकर की गई टिप्पणी पर राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष व्यापार प्रकोष्ठ एवं प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी से चौधरी परिवार और जाट समाज का अपमान हुआ है।
रोहित अग्रवाल ने कहा कि जाट समाज वीरता, स्वाभिमान, मेहनत, त्याग और किसानों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे समाज को लेकर टिप्पणी करना अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने मुलायम सिंह यादव को नेताजी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ऐसे में इस समाज पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण और गलत मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने जिन दलों के साथ गठबंधन किया, बाद में उन्हीं सहयोगियों के प्रति अपमानजनक रवैया अपनाया। उन्होंने वर्ष 2017 में कांग्रेस के साथ गठबंधन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने फोन नहीं उठाने की बात कही थी। वर्ष 2019 में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन हुआ, लेकिन बाद में बसपा भी अलग हो गई। वर्ष 2022 में राष्ट्रीय लोकदल साथ रहा, तब भी उसे सम्मान नहीं मिला।
रोहित अग्रवाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने व्यवहार की समीक्षा करने के बजाय लगातार अपने पुराने सहयोगियों और नेताओं पर टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी दल अब उनके साथ आने की सोच रहा है, वह पहले उनके पुराने गठबंधन और सहयोगियों के साथ किए गए व्यवहार को देख रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी और 2025 के विधानसभा चुनाव में सपा को वहां नुकसान उठाना पड़ेगा।
वहीं, रालोद उत्तर प्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बसपा प्रमुख मायावती के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मायावती ने सही बात कही है और सवाल उठाया कि जाट व ब्राह्मण समाज को लेकर अखिलेश यादव की सोच ऐसी क्यों है।
हाल की टिप्पणियों में अखिलेश यादव ने पुराने गठबंधन सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि “हमने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए।” रालोद ने इस बयान को जयंत चौधरी की ओर इशारा माना है और पार्टी नेताओं की ओर से लगातार प्रतिक्रिया दी जा रही है।















