लखनऊ, 22 अगस्त।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को तुरंत जयंत चौधरी से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि राजनीतिक छटपटाहट में उन्होंने अपनी मर्यादा लांघ दी है। उपमुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए यह स्पष्ट रूप से लिखा कि 'नेताजी की कमाई, सपा बहादुर ने गंवाई' और यह बात सौ फीसदी सोलह आने सच साबित हो रही है, लेकिन इसी राजनीतिक बौखलाहट और छटपटाहट ने सपा बहादुर अखिलेश यादव का मानसिक मनोबल इस कदर तोड़ दिया है कि वे अपनी ही ज़ुबान से अगड़ा, पिछड़ा और दलितों में से किसी पर भी अपनी राजनीतिक लाठी चलाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कड़े शब्दों में कहा कि केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर बेहद घटिया और आपत्तिजनक बयानबाजी करके अखिलेश ने अपनी उसी गहरी छटपटाहट को जनता के सामने उजागर कर दिया है, क्योंकि देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित चौधरी चरण सिंह का सैफई परिवार पर इतना बड़ा और गहरा राजनीतिक क़र्ज़ है कि सपा बहादुर चाहकर भी उसे कभी चुका नहीं सकते, और इसी वजह से उन्हें तुरंत आगे आकर जयंत चौधरी से माफी मांगनी चाहिए। केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी जोर देकर कहा कि उनकी यह छटपटाहट इसलिए भी चरम पर है क्योंकि प्रदेश के अगड़े, पिछड़े और दलितों की यह मजबूत 'त्रिवेणी' पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी हुई है, और इसमें अब किसी भी प्रकार का कोई शक नहीं बचा है कि उत्तर प्रदेश की आम जनता जातिवाद तथा मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति में डूबी हुई समाजवादी पार्टी का पूरा बोरिया-बिस्तर समेटकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हमेशा के लिए सीधे सैफई वापस भेज देगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के खिलाफ एक तथाकथित अशोभनीय टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद से उत्तर प्रदेश की सियासत मेंवान उबाल आ गया है और रालोद के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी तथा भारतीय जनता पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके इस गैर-जिम्मेदाराना बयान की कड़ी निंदा व आलोचना की है।















