श्रीनगर, 22 अगस्त।
भगवान शिव के पवित्र प्रतीक ‘छड़ी मुबारक’ को शनिवार को पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा भवन से पहलगाम के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही अमरनाथ की पारंपरिक वार्षिक यात्रा की शुरुआत हो गई।
छड़ी मुबारक के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार पवित्र छड़ी विभिन्न पारंपरिक पड़ावों से होते हुए पहलगाम पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की जाएगी।
कार्यक्रम के अनुसार छड़ी मुबारक 24 अगस्त को चंदनवाड़ी और 25 अगस्त को शेषनाग पहुंचेगी। इसके बाद 26 और 27 अगस्त को पंचतरणी में प्रवास रहेगा।
महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर छड़ी मुबारक को अमरनाथ की पवित्र गुफा में ले जाया जाएगा। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना कर इसे स्थापित किया जाएगा।
यह धार्मिक परंपरा सदियों पुरानी मान्यता से जुड़ी है। मान्यता है कि भगवान शिव ने इसी पवित्र गुफा में माता पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी।
पवित्र गुफा में धार्मिक अनुष्ठान पूरा होने के बाद छड़ी मुबारक वापस पंचतरणी लौटेगी। इसके बाद 29 अगस्त को शेषनाग और चंदनवाड़ी होते हुए पहलगाम पहुंचने का कार्यक्रम है।
अमरनाथ की यह वार्षिक धार्मिक यात्रा 30 अगस्त को पूजा-अर्चना और पारंपरिक विसर्जन समारोह के साथ संपन्न होगी।














