बीरभूम, 22 अगस्त।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित ‘विदेशिनी’ होटल में हाल ही में घटी एक अत्यंत भीषण अग्नि दुर्घटना के दौरान नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो जाने के बाद, आगामी कौशिकी अमावस्या के पावन अवसर को मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्र के सभी होटल और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। इस धार्मिक पर्व पर तारापीठ में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी होटल संचालकों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी अनिवार्य इंतजाम समय रहते दुरुस्त करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से तमाम होटल संचालकों के लिए नौ सूत्री विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत सभी को अपने आवश्यक कानूनी दस्तावेज और अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम दुरुस्त रखने को कहा गया है और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उसे कौशिकी अमावस्या से पहले दूर करने की हिदायत दी गई है। सुरक्षा मानको में भारी खामियां पाए जाने के कारण प्रशासन ने पहले ही पंद्रह होटलों को नोटिस थमाते हुए उन्हें आगामी आदेश तक बंद रखने का फरमान सुना दिया है।
रामपुरहाट के महकमा शासक, एसडीपीओ, दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और तारापीठ थाने के प्रभारी निरीक्षक समेत प्रशासन की एक विशेष जांच टीम ने मैदान में उतरकर होटलों और लॉज का सघन निरीक्षण शुरू कर दिया है, जिसमें अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों तथा सभी कानूनी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रशासन ने होटल प्रबंधनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आग लगने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के तरीकों और बाहर निकलने के रास्तों की जानकारी पहले से ही कमरों में ठहरने वाले मेहमानों को दी जानी चाहिए, तथा आपातकालीन निकास द्वारों पर स्पष्ट संकेतक लगाने के साथ ही प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित करनी होगी।
आपातकालीन रास्तों में किसी भी प्रकार के गैस सिलेंडर, बोतल या अन्य ज्वलनशील सामग्री रखने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, और निकास द्वारों पर लकड़ी के दरवाजों के स्थान पर ग्रिल गेट लगाकर उन्हें किसी भी परिस्थिति में ताला लगाकर बंद न रखने के आदेश दिए गए हैं, तथा छत की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी ग्रिल गेट लगाकर उन्हें खुला रखने की ताकीद की गई है। इसके अलावा सभी होटल कर्मियों के मोबाइल फोन में पुलिस एवं दमकल विभाग के आपातकालीन नंबर सुरक्षित रखने तथा होटल के संपर्क सूत्र संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने को कहा गया है, साथ ही भूमि संबंधी कागजात, स्थानीय पंचायत व टीआरडीए का अनापत्ति प्रमाण पत्र, ट्रेड लाइसेंस, विद्युत फिटिंग, खाद्य सुरक्षा, प्रदूषण और जीएसटी पंजीकरण जैसे सभी दस्तावेज तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। रामपुरहाट के महकमा शासक राठौर अश्विनबाबू सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और ऑडिट टीम भी पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। तारापीठ के अतिरिक्त सिउड़ी क्षेत्र में भी होटलों की सुरक्षा जांच का अभियान तेजी से शुरू कर दिया गया है, जहां स्थानीय थाने में पुलिस अधिकारियों ने होटल मालिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर उनके अग्निशमन लाइसेंस, सराय लाइसेंस और बिजली की वायरिंग जैसे तमाम सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की है।















