भोपाल, 22 अगस्त।
राजधानी के बागसेवनिया थाना क्षेत्र स्थित दीपशिखा हॉस्पिटल में शुक्रवार रात इमरजेंसी वार्ड में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी, जिसके बाद धुआं अस्पताल के ऊपरी हिस्सों तक फैल गया। पुलिस और अस्पताल स्टाफ ने समय रहते 21 मरीजों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें पास के सहारा अस्पताल में शिफ्ट कराया। घटना में किसी मरीज, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के अनुसार, अस्पताल के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने परिसर से धुआं निकलते देखा और तुरंत स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद बागसेवनिया थाने से एएसआई वीर मणि पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटना के समय अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी। इनमें आईसीयू के 5-6 मरीज और सिजेरियन डिलीवरी के बाद भर्ती महिलाएं भी शामिल थीं।
आग इमरजेंसी कक्ष में लगी थी और धुआं ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गया था। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण लिफ्ट का उपयोग नहीं किया जा सका। ऐसे में पुलिस और अस्पताल कर्मियों ने सीढ़ियों के रास्ते मरीजों को बाहर निकाला। करीब 15 पुलिसकर्मी लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटे रहे और एक-एक कर सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक, सीढ़ियों वाले हिस्से में खिड़कियां होने से धुआं बाहर निकलता रहा, जिससे राहत और बचाव कार्य में मदद मिली। आईसीयू मरीजों और ऑपरेशन के बाद भर्ती महिलाओं को विशेष सावधानी के साथ बाहर निकाला गया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टरों के बैठने की जगह के पास लगे इलेक्ट्रिकल बोर्ड में आग लगी थी। बोर्ड के आसपास रखी प्लाई की अलमारियां और अन्य सामान भी इसकी चपेट में आ गए।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10:35 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने करीब 11 बजे तक आग पर काबू पा लिया। आग केवल इमरजेंसी वार्ड तक सीमित रही, लेकिन धुआं अस्पताल के अन्य हिस्सों में फैल गया था। इसके बाद अस्पताल को पूरी तरह खाली कराया गया और बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई।
एएसआई वीर मणि पांडे ने बताया कि घटना के समय पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने का समय था, जिससे मौके पर पर्याप्त बल मौजूद था। करीब 15 पुलिस जवानों ने रेस्क्यू में अहम भूमिका निभाई और सभी मरीजों को सुरक्षित दूसरे अस्पताल पहुंचाया।
घटना में किसी की जान नहीं जाने से राहत मिली है, लेकिन अस्पताल में आग लगने की घटना ने फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों के साथ अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रहे हैं।















