भुवनेश्वर, 22 अगस्त।
ओडिशा में बाढ़ के पानी के उतरने के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे तौर पर मैदान में उतार दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की महामारी या संक्रामक बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए इन अधिकारियों को चार संवेदनशील जिलों की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि लंबे समय तक जलमग्न रहे गांवों में स्वच्छता और कीटाणुशोधन के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिला प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही हैं तथा बालेश्वर, भद्रक, क्योंझर और जाजपुर जैसे जिलों में चिकित्सा व्यवस्था की खुद निगरानी कर रही हैं।
सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से सड़े-गले खाद्य पदार्थों, मृत पशुओं और अन्य जैविक कचरे को तुरंत हटाया जाए ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहे। इसके साथ ही आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के भी सख्त आदेश दिए गए हैं ताकि आपात स्थिति में लोगों को समय पर इलाज मिल सके।














