श्रीनगर, 22 अगस्त।
सीमा पार आतंकी साजिश और स्थानीय ओवरग्राउंड वर्करों के कथित नेटवर्क की जांच के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की। श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम में हुई इस कार्रवाई के दौरान दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। एजेंसी अब बरामद सामग्री का मामले में पहले से मिले सबूतों से मिलान कर रही है।
एनआईए के मुताबिक कार्रवाई पाकिस्तान में मौजूद आतंकी आकाओं और स्थानीय ओवरग्राउंड वर्करों के कथित नेटवर्क से जुड़े मामले में की गई। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय यह नेटवर्क घुसपैठ कर आने वाले आतंकवादियों को संपर्क, आवागमन, ठिकाना, छिपने की जगह, रेकी और अन्य रसद सहायता उपलब्ध कराता था।
यह मामला श्रीनगर के जकूरा थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0024/2026 से संबंधित है, जिसे बाद में एनआईए ने आरसी-02/2026/एनआईए/जेएमयू के रूप में अपने स्तर पर दर्ज किया। मामले की जांच गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 23, शस्त्र अधिनियम, 1959 की धाराओं 7 और 25 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 के तहत की जा रही है।
जांच की शुरुआत 31 मार्च की देर रात एक नाका बिंदु पर एक ओवरग्राउंड वर्कर की गिरफ्तारी के बाद हुई थी। एनआईए के अनुसार उसके प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने की बात सामने आई थी। तलाशी के दौरान उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।
मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद साजिश से कथित तौर पर जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आतंकवादियों को सहायता पहुंचाने वाले नेटवर्क के सदस्यों और उनकी कथित भूमिकाओं की भी पहचान की गई।
एजेंसी की जांच में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी आकाओं और स्थानीय सहयोगियों के बीच कथित संपर्क सामने आए हैं। आरोप है कि स्थानीय सहयोगी आतंकवादियों के साथ संपर्क बनाए रखने, उनकी आवाजाही की व्यवस्था करने, उन्हें छिपाने, सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने, रेकी करने और अन्य मदद पहुंचाने में भूमिका निभा रहे थे।
एनआईए अब कथित नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, संचार माध्यमों, आरोपितों की आवाजाही तथा हथियारों और विस्फोटकों के स्रोत की भी पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य सीमा पार से संचालित आतंकवादी गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर कथित मदद देने वाले पूरे तंत्र और उसकी पहुंच का पता लगाना है।
एजेंसी ने बताया कि शनिवार की छापेमारी इसी व्यापक जांच का हिस्सा है। तलाशी के दौरान प्राप्त सामग्री की जांच की जा रही है और उसे मामले में अब तक जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देखा जाएगा। एनआईए के अनुसार जांच जारी है और साजिश में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका तय करने की प्रक्रिया चल रही है।















