जयपुर, 22 अगस्त।
प्रदेशभर में एक बार फिर मानसून की चाल धीमी पड़ने से मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश की गतिविधियों में भारी गिरावट आने के कारण अधिकांश इलाकों में तेज धूप के साथ उमसभरी गर्मी ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मौसम केंद्र की तरफ से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में यलो अलर्ट घोषित होने के बावजूद जमीन पर बादलों की आंखमिचौली जारी रही। पिछले दिनों कई जिलों में चेतावनी के बाद भी आसमान साफ रहा और चुनिंदा स्थानों पर ही हल्की बौछारें पड़ीं। कुछ गिने-चुने इलाकों को छोड़कर ज्यादातर जगहों पर बारिश का आंकड़ा दस मिलीमीटर से भी नीचे दर्ज किया गया।
बारिश का क्रम थमने से तापमान में भी उछाल देखा गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में पारा चढ़ने लगा है और श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान लगभग चालीस डिग्री के करीब पहुंच गया। इसके अलावा चूरू, बीकानेर और फलौदी जैसे पश्चिमी संभागों में भी गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक ट्रफ लाइन की मौजूदा स्थिति उत्तर भारत की तरफ खिसक जाने के कारण राजस्थान में मानसून का असर कमजोर पड़ गया है। जब तक मौसमी परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक व्यापक वर्षा की उम्मीद कम है और मौसम शुष्क रहने की आशंका बनी हुई है।















