कोलकाता, 22 अगस्त।
'वंदे मातरम' के पूरे गीत को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच इन दिनों लगातार सियासी घमासान मचा हुआ है, जिसके बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने देश की जानी-मानी अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के एक हालिया बयान पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने हाल ही में यह बयान दिया था कि धार्मिक रूप से विविधता से भरे हमारे इस देश में 'वंदे मातरम' के पूरे गीत को लेकर कुछ विशेष समुदायों के लोगों को आपत्ति हो सकती है, और उनके इसी बयान के सामने आने के बाद से भाजपा की तरफ से बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई जा रही है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि शर्मिला टैगोर अपनी व्यक्तिगत राय रखने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें कुछ भी कहने से पहले अपने इतिहास और अपने परिवार के संदर्भ को भी भली-भांति याद रखना चाहिए। उन्होंने आगे बेहद तीखा तंज कसते हुए कहा, “शर्मिला टैगोर को भारतीय जनता पार्टी यह बात भी याद दिलाना चाहती है कि जिस तैमूर ने भारत पर क्रूर आक्रमण किया था, यहां के प्राचीन मंदिरों को तहस-नहस किया था, अनगिनत बेकसूर लोगों की हत्याएं कराई थीं और जबरन धर्म परिवर्तन का काला दौर चलाया था, ठीक उसी आक्रांता के नाम पर उनके अपने घर में भी उनके नाती का नाम रखा गया है, जिसके नाती का नाम तैमूर अली खान है, और इसलिए वंदे मातरम जैसे संवेदनशील मुद्दे पर वह जितना कम बोलें, उतना ही ज्यादा उनके लिए मंगलकारी होगा।
” दरअसल, 'वंदे मातरम' गीत के केवल शुरुआती हिस्सों या पूरे गीत को गाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद लंबे समय से गहराया हुआ है, जहां भाजपा का यह मुख्य तर्क है कि राष्ट्रगीत के केवल पहले दो अंतरों तक ही सीमित रहने के बजाय इसका पूरा गीत गाया जाना चाहिए, और इसी मुद्दे को लेकर पार्टी के नेताओं की ओर से एक नए कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। दूसरी ओर, अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने अपने बयान में यह सफाई दी थी कि देश में ऐसे भी बहुत से लोग निवास करते हैं जो एकेश्वरवाद में पूर्ण विश्वास रखते हैं और किसी भी प्रकार की मूर्ति पूजा या देवी-देवताओं की आराधना नहीं करते हैं, तथा उनके मुताबिक इस महान गीत की कुछ खास पंक्तियां ऐसे वर्ग के लोगों के लिए थोड़ी असहज हो सकती हैं, इसलिए केवल शुरुआती दो अंतरे ही मातृभूमि के प्रति सम्मान व प्रेम की सच्ची भावना को व्यक्त करने के लिए पर्याप्त हैं जिन्हें व्यापक रूप से स्वीकार किया जा सकता है।
अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के इस बयान के सामने आने के बाद से भाजपा नेताओं की तरफ से लगातार जुबानी हमले किए जा रहे हैं, और इससे पहले अभिनेत्री व भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी उनके इस बयान पर कड़ा निशाना साधा था, जिसके बाद अब शमीक भट्टाचार्य की इस आक्रामक टिप्पणी ने इस गर्मागरम राजनीतिक विवाद को और अधिक तीखा बना दिया है। हालांकि, शर्मिला टैगोर के नाती तैमूर अली खान के नाम को लेकर देश में पहले भी कई बार बड़ा विवाद हो चुका है, क्योंकि जाने-माने अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री करीना कपूर के बड़े बेटे के जन्म के तुरंत बाद उनके रखे गए इस नाम को लेकर सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ भारी बहस छिड़ गई थी, हालांकि उस वक्त करीना कपूर ने यह स्पष्ट किया था कि 'तैमूर' शब्द का अरबी भाषा में शाब्दिक अर्थ 'लोहा' होता है और उन्होंने अपने बेटे का नाम अजेय मजबूती तथा दृढ़ता के प्रतीक के रूप में रखा था, लेकिन अब वर्षों पुराने उसी नाम के विवाद को भाजपा नेता शमीक भट्टाचार्य ने 'वंदे मातरम' की इस राष्ट्रीय बहस के बीच एक बार फिर से जोरदार तरीके से उठा दिया है।















