ललिस्बन, 22 अगस्त।
फ्रांस के नक्शेकदम पर चलते हुए पुर्तगाल की सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढंकने को लेकर एक सख्त प्रतिबंध लागू करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है, जिसके तहत इस नए नियम का उल्लंघन करने वालों पर 150 यूरो से लेकर 3,000 यूरो यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग 17 हजार से 3.35 लाख रुपए तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार के इस विवादास्पद कदम को मुख्य रूप से बुर्का पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाए जाने के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रपति एंटोनियो जोसे सेगुरो द्वारा लागू किए गए इस कानून में स्वास्थ्य, पेशेवर, कलात्मक, मौसम संबंधी कारणों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों, राजनयिक मिशनों और विमानों के भीतर इस प्रतिबंध से कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं।
पुर्तगाली राष्ट्रपति ने मंगलवार देर रात जारी अपने बयान में यह साफ किया कि मानव पहचान और आपसी संवाद के लिए चेहरे को एक केंद्रीय तत्व माना जाना चाहिए, और स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस विधेयक को इसी साल जुलाई में संसद द्वारा सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी गठबंधन तथा धुर दक्षिणपंथी दलों के समर्थन से मंजूरी दिलाई गई थी। इस कानून के खिलाफ वामपंथी दलों ने सदन में कड़ा विरोध जताते हुए मतदान किया था, क्योंकि यह सार्वजनिक स्थानों पर पहचान छिपाने वाले सभी कपड़ों पर रोक लगाता है, जिसे लेकर यूरो न्यूज ने बताया कि धुर-दक्षिणपंथी चेगा पार्टी द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को बार एसोसिएशन और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस जैसी कई उच्च संस्थाओं से भी नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। विपक्षी सोशलिस्ट पार्टी, लिवरे और कम्युनिस्ट पार्टी ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि इससे देश में इस्लामोफोबिया की भावना को बढ़ावा मिल सकता है और यह समाज में अलग दिखने वाले लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने जैसा है, जबकि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसका समर्थन किया है। गौरतलब है कि फ्रांस ने भी साल 2010 में संसद से इसी प्रकार का कानून पारित किया था जिसे अप्रैल 2011 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया था।















