जयपुर, 22 अगस्त।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साधते हुए पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे और अधूरी तैयारियों के साथ लागू की गई यह नीति आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि गन्ने का अधिकांश उपयोग चीनी की जगह एथेनॉल बनाने में किया जा रहा है, जिससे बाजार में चीनी के दाम आसमान छूने लगे हैं। उनके मुताबिक महज कुछ ही दिनों के भीतर चीनी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मिश्रण से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं और गाड़ियां कम माइलेज दे रही हैं, जिससे सीधा आर्थिक नुकसान वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस पूरी नीति का फायदा चुनिंदा उद्योग घरानों को मिल रहा है और देश का आम नागरिक इसकी मार झेलने को मजबूर है। उन्होंने एथेनॉल इकाइयों से फैल रहे जल और वायु प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा पर्यावरण को भी भुगतना पड़ रहा है।
अपनी बात के अंत में गहलोत ने इस पूरी व्यवस्था को जनता की कमाई पर डाका करार दिया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आमजन का सिस्टम से विश्वास उठता जा रहा है।















