मालदा, 22 अगस्त।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के बामनगोला स्थित जगदल हाई स्कूल के परिसर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल के भीतर घुसकर कुछ छात्रों द्वारा एक महिला गैर-शिक्षण कर्मचारी के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने की घटना ने तूल पकड़ लिया है और इस पूरी वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला कर्मचारी का यह गंभीर आरोप है कि स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक और कुछ अन्य सहायक शिक्षकों के उकसावे पर ही इन छात्रों ने उनके साथ इस तरह की मारपीट की हिमाकत की है, हालांकि स्कूल प्रबंधन ने महिला के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें सरासर झूठ करार दिया है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब करीब डेढ़ साल पहले नियुक्त हुई इस महिला कर्मचारी और एक पूर्व छात्र के बीच ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी देने को लेकर किसी बात पर बहस हो गई थी, जिसके बाद कुछ छात्र-छात्राएं सीधे स्टाफ रूम के अंदर घुस आए और उनके साथ हाथापाई करने लगे। इस घटना के वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर मारपीट की तस्वीरें साफ नजर आ रही हैं, और यह भी चर्चा है कि बचाव के दौरान महिला कर्मचारी की तरफ से भी कुछ छात्रों के साथ झड़प की गई थी। प्रताड़ित महिला का मुख्य आरोप है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक अमित हालदार के कथित समर्थन और इशारे के कारण ही छात्र ऐसा दुस्साहस कर पाए, जिसके संबंध में उन्होंने बामनगोला थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है।
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है, जहां दक्षिण मालदा भाजपा के महासचिव विश्वजीत राय ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए पुलिस-प्रशासन से त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है, और साथ ही महिला को आपत्तिजनक प्रस्ताव दिए जाने के गंभीर आरोप का भी जिक्र किया है। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस के नेता विश्वजीत घोष ने भी इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि जो कोई भी दोषी पाया जाए उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का किसी भी राजनीतिक दल से संबंध होने से साफ इनकार कर दिया है।














