कोरबा, 22 अगस्त।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की गेवरा मेगा परियोजना में देश के पहले 21 सीयूएम क्षमता वाले इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल की शुरुआत की गई। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने शनिवार को इस अत्याधुनिक मशीन का लोकार्पण किया।
नई मशीन को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें 360 डिग्री कैमरा, ऑपरेटर फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम, एयर-सस्पेंशन सीट, एडजस्टेबल जॉयस्टिक, हाइड्रोलिक सीढ़ियां और गैस आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं दी गई हैं। मशीन में एफओपीएस मानक के अनुरूप सुरक्षित केबिन भी बनाया गया है।
मशीन को एसईसीएल के फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम से भी जोड़ा गया है। इसके जरिए मशीन के संचालन और कार्यक्षमता की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। लगभग 5.31 मिलियन घनमीटर वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली यह मशीन गेवरा परियोजना में उत्पादन बढ़ाने के साथ परिचालन दक्षता को मजबूत करने में मदद करेगी।
गेवरा को एशिया की सबसे बड़ी खदान के रूप में जाना जाता है। परियोजना में इस अत्याधुनिक मशीन के संचालन से कोयला उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही सुरक्षित और आधुनिक खनन व्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक तकनीकी, योजना एवं परियोजना रमेश चंद्र महापात्र सहित एजीएम संजय मिश्रा और गेवरा परियोजना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।















