संभल, 22 अगस्त।
संभल के पुलिस अधीक्षक रहे आईपीएस केके बिश्नोई के तबादले के बाद शनिवार को आयोजित विदाई समारोह भावुक पलों का गवाह बना। करीब एक साल 11 महीने तक संभल में सेवा देने के बाद उनका स्थानांतरण बिजनौर कर दिया गया है। समारोह में अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते समय केके बिश्नोई का गला भर आया और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
मंच पर उन्हें भावुक होता देख पास बैठे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने तुरंत उन्हें पानी पिलाया और संभाला। समारोह का माहौल इतना भावुक हो गया कि जिलाधिकारी भी अपने आंसू नहीं रोक सके। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने फूलों से सजी उनकी सरकारी गाड़ी को धक्का देकर उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी।
अपने संबोधन में केके बिश्नोई ने संभल में बिताए कार्यकाल की यादें साझा कीं। उन्होंने खास तौर पर 24 नवंबर 2024 की हिंसा के दौरान सामने आई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को याद किया। उन्होंने तनावपूर्ण हालात में अपनी जान की परवाह किए बिना जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
केके बिश्नोई ने अपने कार्यकाल में किए गए कुछ महत्वपूर्ण कामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक किसान करीब 10 वर्षों से 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की जमीन के अधिकार के लिए परेशान था। उनके निर्देश पर चकबंदी अधिकारियों ने केवल दो दिन में किसान को उसकी जमीन का अधिकार दिलाया।
2018 बैच के आईपीएस अधिकारी केके बिश्नोई को 10 सितंबर 2024 को संभल का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। अब तबादले के बाद उन्हें बिजनौर का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। उनकी जगह आईपीएस विकास चंद्र त्रिपाठी को संभल का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
संभल में तैनाती के दौरान केके बिश्नोई ने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कई कार्रवाई की। 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में उन्होंने पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला था। करीब दो घंटे में स्थिति को नियंत्रित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
उनके कार्यकाल में आर्थिक और संगठित अपराध के मामलों में भी कार्रवाई हुई। पुलिस ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित बीमा घोटाले का खुलासा किया। इसके साथ ही 69 से अधिक माफियाओं और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गई। संभल हिंसा से जुड़े शारिक साठा गिरोह पर भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया।
उत्कृष्ट पुलिसिंग और वित्तीय अपराधों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए केके बिश्नोई को कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री उत्कृष्टता सेवा पुलिस पदक और प्लेटिनम प्रशस्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
विदाई समारोह के अंत में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने फूलों से सजी एसपी की सरकारी गाड़ी को मिलकर धक्का दिया। भावुक माहौल के बीच केके बिश्नोई को बिजनौर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान संभल में उनके करीब दो वर्ष के कार्यकाल से जुड़ी यादें और पुलिसकर्मियों का उनके प्रति सम्मान साफ नजर आया।















