भोपाल, 22 अगस्त।
मध्य प्रदेश में मानसून का एक बेहद मजबूत सिस्टम सक्रिय हो जाने के कारण राज्य के पूर्वी हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर पूरी तरह तेज हो गया है, जिसके चलते पिछले दो दिनों से अनेक जिलों में हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण नदियां उफान पर आ गई हैं और कई जगहों पर बाढ़ जैसे विकट हालात बन गए हैं। मौसम विभाग द्वारा आज शनिवार को प्रदेश के सोलह प्रमुख जिलों में अति भारी तथा भारी बारिश का रेड और येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें सिवनी और बालाघाट में विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है जहां अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक पानी बरसने की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।
मौजूदा वक्त में प्रदेश के ऊपर तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं जिनके मिले-जुले प्रभाव से पूर्वी इलाकों के साथ-साथ उत्तर और मध्य मध्य प्रदेश में भी पानी बरस रहा है और यह दौर अगले तीन दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है तथा चौबीस तारीख तक इसका दायरा पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ भी बढ़ सकता है। विंध्य क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण हालात काफी बिगड़ चुके हैं जहां रीवा के कई निचले इलाकों और सड़कों पर पानी भर गया है, वहीं सतना के नागौद में बीते चौबीस घंटों के भीतर 6.4 इंच की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है जो इस सीजन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लगातार बरस रहे पानी की वजह से प्रदेश की कई प्रमुख नदियां जैसे नर्मदा और मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके चलते एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ियों में अवकाश घोषित करना पड़ा है।
पन्ना जिले में केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदियां उफान पर हैं और तेंदुघाट बांध के पांच गेट खोलने पड़े हैं, जबकि मैहर में मर्जुआ नाले के तेज बहाव में फंसे एक ट्रक के ड्राइवर और क्लीनर को स्थानीय ग्रामीणों व पुलिस की संयुक्त मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सतना में सेमरावल नदी का पानी पुल के ऊपर आ जाने से यातायात बाधित हुआ है और कोटर तहसील के अबेर गांव में तालाब की मेड़ टूटने से पानी सीधी बस्तियों में घुस गया है, इसके अलावा सीधी के रामपुर नैकिन में पहाड़ से गिरी मिट्टी और पत्थरों के कारण सड़क मार्ग बंद होने से करीब तीस गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जून से लेकर अब तक पूरे प्रदेश में लगभग चौबीस इंच यानी 609.2 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है जो सामान्य आंकड़े से ग्यारह प्रतिशत कम है, क्योंकि पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही संभागों के अधिकांश जिलों में इस बार सामान्य से कम वर्षा आंकी गई है, हालांकि इसके बावजूद मौजूदा बाढ़ के हालात और जलभराव ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है।















