मुंबई, 22 अगस्त।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले श्वानों की आजीवन देखभाल को लेकर एक संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब ड्यूटी पूरी करने के बाद इन पुलिस डॉग्स को किसी अन्य व्यक्ति को गोद देने के बजाय उनके पुराने हैंडलर्स के पास ही रखा जाएगा और उनके भरण-पोषण तथा चिकित्सा का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर लिए गए इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य इन वफादार जानवरों को सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित और जाना-पहचाना माहौल देना है। आमतौर पर ये श्वान लगभग दस वर्ष तक सेवा देते हैं और अपराधियों की सुरागकशी व विस्फोटक पहचान जैसे अहम कामों में पुलिस की मदद करते हैं।
पूर्व की व्यवस्था में इन्हें बाहर गोद देने पर अचानक बदले माहौल के कारण कई बार ये मानसिक तनाव में आ जाते थे और खाना-पीना तक छोड़ देते थे। सरकार के इस कदम से अब सेवाकाल पूरा करने वाले इन श्वानों को जीवनभर अपने परिचित हैंडलर्स के साथ रहने का सुकून मिलेगा और उनके साथ बना भावनात्मक रिश्ता भी सुरक्षित रहेगा।














