एम्स्टेलवीन, 22 अगस्त।
नीदरलैंड्स ने एफआईएच हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर के मुकाबले में भारत को 3-1 से हराकर भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। पहले हाफ में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं, लेकिन दूसरे हाफ में नीदरलैंड्स ने लगातार तीन गोल दागकर मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित रहा। इसके बाद 41वें मिनट में ड्यूको टेलगेनकैंप ने नीदरलैंड्स के लिए पहला गोल किया। मेजबान टीम यहीं नहीं रुकी और 51वें मिनट में होडेमेकर्स ने बढ़त को 2-0 कर दिया। इसके बाद 56वें मिनट में थाइस वान डैम ने तीसरा गोल करके भारत की वापसी की राह लगभग बंद कर दी।
भारत के पास दूसरे हाफ की शुरुआत में गोल करने के मौके आए, लेकिन टीम उनका फायदा नहीं उठा सकी। भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की पहली ड्रैग फ्लिक को रोक दिया गया, वहीं उनका दूसरा प्रयास गोलपोस्ट के दाईं ओर से बाहर चला गया।
नीदरलैंड्स ने इसके बाद गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और भारतीय रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। मेजबान टीम ने आक्रामक सर्किल में खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी बनाए रखी। भारतीय खिलाड़ियों ने रक्षात्मक स्तर पर संघर्ष किया, लेकिन लगातार आक्रमण तैयार करना उनके लिए मुश्किल होता गया।
मुकाबला खत्म होने से आठ मिनट पहले भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत सिंह ने इस बार शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गेंद को गोलपोस्ट के निचले बाएं कोने में पहुंचाकर भारत की उम्मीदें जगा दीं। नीदरलैंड्स के गोलकीपर डर्क मीयेर के पास इस तेज शॉट को रोकने का कोई मौका नहीं था।
हालांकि, हरमनप्रीत का गोल बहुत देर से आया और भारत बराबरी नहीं कर सका। नीदरलैंड्स ने आखिरी मिनटों में अपनी बढ़त कायम रखते हुए 3-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस हार के बाद पूल ई में भारत की स्थिति मुश्किल हो गई है। अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अपने अगले मुकाबले में अर्जेंटीना को हराना होगा। इसके साथ ही उसे दूसरे मुकाबलों के नतीजे भी अपने पक्ष में आने की उम्मीद करनी होगी।















