भोपाल, 23 अगस्त।
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज होने के आसार हैं। पूर्वी हिस्से में सक्रिय कम दबाव क्षेत्र और मानसून द्रोणिका के प्रभाव से शनिवार को कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर रहे। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के जिले शामिल हैं। भोपाल में हल्की बारिश होने की संभावना है।
अगले 24 घंटे में श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी में भारी बारिश हो सकती है।
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी अलग-अलग स्थानों पर हल्की से तेज बारिश होने के आसार हैं।
बारिश से कई जगह बढ़ी मुश्किलशनिवार को हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में परेशानी बढ़ा दी। सीधी में करीब छह महीने पहले बनी 104 करोड़ रुपये की सड़क का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया।
पन्ना के धरमपुर थाना क्षेत्र में कालिंजर से अजयगढ़ जा रहा डंपर शहपुरा नदी के तेज बहाव में फंस गया। चालक सनी उर्फ रोहित सिंह ने तैरकर अपनी जान बचाई।
सतना के नागौद क्षेत्र में ललचहा-इटमा नाले में तेज बहाव के दौरान बाइक सहित तीन लोग बह गए। बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन तीसरा व्यक्ति बहाव में लापता हो गया।
छतरपुर के महाराजपुर क्षेत्र के हरपई पुरवा में कुम्हेड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 250 से 300 लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पुल नहीं होने से बारिश के दौरान ग्रामीणों का महाराजपुर से संपर्क कठिन हो जाता है।
ग्रामीण बच्चों को स्कूल भेजने के लिए उन्हें कंधे पर बैठाकर नदी पार कराते हैं। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भी इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है।
नरसिंहपुर में लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने से नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बरमान के रेतघाट पर बना पुल पूरी तरह पानी में डूब चुका है। नरसिंहपुर-जबलपुर को जोड़ने वाला झांसीघाट पुल भी जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच गया है।
26 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहा। अब 23 से 26 अगस्त तक भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। बारिश का प्रभाव धीरे-धीरे पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है।
40 जिलों में सामान्य से कम बारिशप्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 1 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 2 से 47 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है।
15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिशइसके उलट अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।















