अनूपपुर, 24 अगस्त।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र में सोमवार को दो हाथियों के कारण करीब 50 वर्ष पुराना द्वाही बांध क्षतिग्रस्त हो गया। बांध टूटते ही पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया और सोन नदी की तरफ बहने लगा। तेज बहाव के कारण करीब 40 से 50 किसानों के खेतों की मेढ़ें बह गईं। ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग और राजस्व विभाग को दी है।
ग्राम पंचायत पचौहा के सरपंच राय सिंह ने जैतहरी वन परिक्षेत्र के कुसुम्हाई बीट गार्ड कोमल सिंह को बांध टूटने की जानकारी दी। साथ ही राजस्व विभाग को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। सरपंच के अनुसार दोनों हाथी बीते दो दिनों से कुसुम्हाई के जंगल में मौजूद थे। सोमवार दोपहर दोनों हाथी बांध के नीचे बने एक बड़े गड्ढे में करीब एक घंटे तक नहाते रहे। इसके बाद वे बांध की तरफ बढ़े और उनके वहां पहुंचते ही मिट्टी खिसकने लगी।
हाथियों के आगे बढ़ते ही धंसने लगी बांध की मिट्टी
जानकारी के अनुसार दोनों हाथियों के बांध की ओर बढ़ने के साथ मिट्टी लगातार धंसती चली गई। हाथी बांध पार कर जंगल की ओर निकल गए। इसके कुछ समय बाद बांध के निचले हिस्से से पानी तेजी से रिसने लगा। देखते ही देखते करीब 50 से 60 फीट हिस्सा पानी के बहाव में बह गया। इससे बारिश और जंगल में एकत्र पानी कुछ ही घंटों में बांध से बाहर निकल गया।
सरपंच राय सिंह ने बताया कि द्वाही बांध वन विभाग के क्षेत्र में आता है और यह करीब 50 से 60 वर्ष पुराना है। बरसात के पानी को रोकने के लिए इसे करीब 1500 मीटर क्षेत्र में बनाया गया था। उनका कहना है कि लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण बांध कमजोर हुआ होगा। लगातार बारिश के कारण पहले से कमजोर हिस्से में दरार या सुराख बनने की संभावना भी जताई गई है।
40 से 50 किसानों के खेतों की मेढ़ें बहीं
बांध की मेढ़ धंसने के बाद पानी के दबाव से कमजोर हिस्सा टूट गया। इसके बाद पानी इतनी तेजी से निकला कि आसपास के करीब 40 से 50 किसानों के खेतों की मेढ़ें बह गईं। खेतों में खड़ी धान की फसल को भी नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। पानी भरने से किसानों को आने वाले दिनों में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक दोनों हाथी फिलहाल कुसुम्हाई के जंगल की ओर चले गए हैं। बांध टूटने के बाद क्षेत्र में पानी की स्थिति और खेतों को हुए नुकसान को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। किसानों ने क्षतिग्रस्त बांध और फसलों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।















