डॉ. मोहन यादव सरकार ने कुछ महीने पहले आधा सैकड़ा से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं को निगम-मंडल और आयोग में मौका दिया। लेकिन पदस्थापना के शुरुआती दिनों में कुछ मामलों में कुछ विकेट गिरते देखकर एक अध्यक्ष जी ने अपने निगम में अपने आप को बहुत सीमित कर रखा है।
वे अपने निगम के कामों से ज्यादा दूसरे निगम-मंडल और आयोग के कामों पर निगाह रखे हुए हैं। वे क्या कर रहे हैं और उस पर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया कैसी है, इस पर भी उनकी नजर है।















