भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अपनी जगह सुरक्षित मानकर लंबे समय से प्रतीक्षारत थे, लेकिन जिनके नाम राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में भाजपा की राजनीति में सक्रिय भूमिका के लिए जोड़े गए हैं, उसकी उम्मीद नहीं थी।
पहले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली, फिर मध्यप्रदेश भाजपा में जगह नहीं मिली। उम्मीद दिल्ली पर थी, राज्यसभा में भी मौका नहीं मिला। अब नितिन नवीन की टीम बनते ही उम्मीदों पर पानी फिर गया।















