सूरजपुर, 24 अगस्त।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा किया है। जांच के दौरान एक ऐसे बैंक खाते का पता चला है, जिसे कथित रूप से म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार इस खाते में अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी गई बड़ी रकम जमा की गई थी। जांच में इस खाते से 21 राज्यों की करीब 150 शिकायतें जुड़ी मिली हैं और 113 करोड़ 32 लाख 9 हजार 604 रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी सामने आई है।
मामला भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के संयुक्त साइबर अपराध समन्वय पोर्टल के माध्यम से पुलिस के संज्ञान में आया। विभिन्न राज्यों की पुलिस ने इस बैंक खाते से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई थीं। पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर सूरजपुर पुलिस ने खाते और उससे जुड़े लोगों की जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक भारतीय स्टेट बैंक की सूरजपुर शाखा में डीएन चक्रधारी शिक्षा विकास संघ के नाम से एक बैंक खाता संचालित था। इस खाते के मूल खाताधारक देवनारायण चक्रधारी और महेश कुमार चक्रधारी बताए गए हैं।
जांच में सामने आया कि इन शिकायतों में 21 राज्यों से करीब 150 साइबर ठगी के मामले जुड़े हुए हैं। खाते में 113 करोड़ 32 लाख 9 हजार 604 रुपये से अधिक का लेनदेन पाया गया है। इसके अलावा इस खाते से आरोपितों के खातों में करीब 45 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार इस बैंक खाते का उपयोग कथित तौर पर साइबर अपराध से हासिल राशि को जमा करने और आगे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया गया। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी की रकम को छिपाने और स्थानांतरित करने के लिए करते हैं।
एसपी योगेश पटेल ने बताया कि 21 राज्यों से जुड़ी शिकायतों में इतनी बड़ी राशि के लेनदेन का सामने आना गंभीर मामला है। पुलिस को आशंका है कि इस खाते के माध्यम से अन्य राज्यों में भी साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया गया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोमवार को महेश कुमार चक्रधारी को गिरफ्तार किया है। वहीं देवनारायण चक्रधारी सहित अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस खाते से जुड़े दस्तावेजों, लेनदेन और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित महेश कुमार चक्रधारी को इससे पहले मुंबई पुलिस भी साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर चुकी है और वह मुंबई जेल में रह चुका है। सूरजपुर पुलिस अब इस मामले को अंतरराज्यीय साइबर अपराध से जोड़कर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन लोगों तक पहुंचाई गई और पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।















