भोपाल, 24 अगस्त।
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि 20 अगस्त से प्रदेशभर में चल रहे एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता और अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान को जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और अधिक से अधिक किसानों को अभियान से जोड़कर इसका लाभ दिलाएं। जिला स्तर पर अभियान की विशेष निगरानी एडीएम और जिला पंचायत सीईओ करेंगे।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि पटवारियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में फार्मर आईडी की सूची चस्पा कराई जाए। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर फार्मर आईडी और एग्रीस्टेक पोर्टल के जरिए किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी का व्यापक प्रचार किया जाए। उन्होंने बैरसिया, हुजूर और कोलार अनुविभागों में विशेष अभियान चलाकर किसानों की फार्मर आईडी तैयार कराने तथा एग्रीस्टेक से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ दिलाने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान आयोजित शिविरों में बैंकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। इससे कृषि विभाग और संबंधित विभागों की मदद से किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य जरूरी ऋण कार्ड मौके पर ही बनाए जा सकेंगे।
कलेक्टर मिश्रा ने सहकारिता विभाग को पैक्स में नए सदस्यों को जोड़ने और सभी पात्र किसानों को पैक्स की सदस्यता दिलाने के साथ केसीसी संतृप्ति का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के अलावा मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन और अन्य संबद्ध गतिविधियों के लिए भी क्रेडिट कार्ड बनाए जाएं। पात्र किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि अभियान में बैंकों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए, ताकि शिविर स्थलों पर किसानों को जरूरी बैंकिंग सुविधाएं मिल सकें। ग्राम पंचायतों में ई-विकास प्रणाली का सीधा प्रदर्शन कर किसानों को टोकन बनाने और पोर्टल पर उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी दी जाए।
बैठक में बताया गया कि रबी वर्ष 2026-27 में उर्वरकों के संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी फसलों के लिए जरूरी खाद समय से पहले उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन ने प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया है। इसके तहत ई-विकास प्रणाली के जरिए टोकन बनाने, पोर्टल की सुविधाओं को किसानों तक पहुंचाने, सभी किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने, लंबित मामलों का निराकरण करने, पैक्स में अधिक से अधिक किसानों को सदस्य बनाने और केसीसी संतृप्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के तहत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम, पैक्स सदस्यता अभियान और ग्राम पंचायतों में किसानों की फार्मर आईडी बनाने सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, सहकारिता तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
कलेक्टर मिश्रा ने बैठक में सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन की अनअटेंडेड शिकायतों और लोक सेवा गारंटी के समय-सीमा से बाहर हो चुके मामलों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए तथा तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला निराकरण सुनिश्चित किया जाए।















