नई दिल्ली, 24 अगस्त।
ग्लोबल मार्केट से इस समय बेहद कमजोर संकेत सामने आ रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की प्रबल आशंका है। इस संभावित कदम से दुनिया भर के शेयर बाजार में भारी घबराहट और अनिश्चितता का माहौल छा गया है, हालांकि इसके विपरीत पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी सूचकांक खासे मजबूत रहे थे।
बीते सत्र में अमेरिकी वॉल स्ट्रीट पर जोरदार लिवाली देखी गई थी, जहां एसएंडपी 500 और नैस्डेक दोनों में ही बढ़त दर्ज की गई थी, और वर्तमान में डाउ जोन्स फ्यूचर्स भी मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। यूरोपीय स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे, हालांकि लंदन के बाजार में अवकाश होने के कारण वहां कोई हलचल देखने को नहीं मिली थी।
इसके ठीक उलट, आज के कारोबार में एशियाई बाजारों पर भारी बिकवाली का दबाव स्पष्ट रूप से हावी है और अधिकांश प्रमुख सूचकांक लाल निशान के दायरे में फिसल चुके हैं। इस नकारात्मक रुख के बीच केवल गिफ्ट निफ्टी ही हल्की बढ़त बनाए हुए है, जबकि निक्केई, कोस्पी और हैंग सेंग जैसे दिग्गज सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
क्षेत्रीय स्तर पर ताइवान, जकार्ता, शंघाई और स्ट्रेट्स टाइम्स के बाजार भी इस वैश्विक उठापटक और बिकवाली से अछूते नहीं रहे हैं और सभी में कमजोरी दर्ज की गई है। निवेशक ईरान को लेकर आने वाले अमेरिकी फैसलों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट लगातार प्रभावित हो रहा है।















