जोधपुर, 24 अगस्त।
जोधपुर की मंडोर पुलिस ने मंदिरों में दर्शन के बहाने चोरी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से चांदी की चरण पादुका बरामद की है। मामले में उनके एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
पन्नालाल गोशाला धर्मार्थ ट्रस्ट के मुन्नालाल पुत्र राजकुमार मिश्रा ने 15 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह मंदिर में अभिषेक करवा रहे थे। इसी दौरान दो अनजान युवक दर्शन करने के बहाने वहां पहुंचे। दोनों के जाने के करीब पांच से सात मिनट बाद भगवान की चांदी की चरण पादुका गायब मिली। वह उनके पीछे मंदिर से नीचे आए, लेकिन तब तक दोनों युवक गोशाला के मुख्य द्वार से बाहर निकल चुके थे। इसी तरह गोकूलजी की प्याऊ स्थित गजानंद मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी होने की जानकारी मिलने पर भी मामला दर्ज किया गया।
शहर और आसपास बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद मंडोर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
मंडोर थानाधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि वारदातों का पता लगाने के लिए आने-जाने वाले रास्तों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। तकनीकी पुलिस टीम की मदद से राजबाग हरिजन बस्ती, सूरसागर निवासी मनीष पुत्र रामप्रकाश और राजबाग शहीद राजाराम पार्क, सूरसागर निवासी दयाल पुत्र मदनलाल को पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं और नशे के आदी हैं। वे कमठा मजदूरी का काम करते हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में चोरी के लिए दोनों मिलकर योजना बनाते थे।
जांच में सामने आया कि एक आरोपित दर्शन के बहाने मंदिर में प्रवेश करता था, जबकि दूसरा बाहर खड़े होकर निगरानी रखता था। मौका मिलते ही मंदिर में रखे भगवान के सोने-चांदी के मुकुट, चरण पादुका और छत्र आदि चोरी कर मोटरसाइकिल से छोटे रास्तों के जरिए अपने घर पहुंचते थे। चोरी का सामान कम कीमत पर बेचकर उससे नशा करते थे। वारदात के दौरान दोनों अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने में मुश्किल हो।















