Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव
संपादकीय
24 Aug, 2026

पूर्वोत्तर में दरार खतरनाक है: असम-मेघालय विवाद संप्रभुता पर सवाल

असम-मेघालय सीमा विवाद के बीच शिलांग में हिंसा और नाकेबंदी ने पूर्वोत्तर की शांति, आपसी विश्वास और राष्ट्रीय एकता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

शिलांग, 24 अगस्त।

असम और मेघालय के बीच जो हो रहा है, वह केवल दो राज्यों का झगड़ा नहीं है। यह राष्ट्रीय संप्रभुता और एकता के लिए गंभीर चुनौती है। बुधवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की रैली के दौरान असम के लोगों के साथ मारपीट और उनके वाहनों को आग लगाने की घटना ने पूरे पूर्वोत्तर को अशांत कर दिया। इस हिंसा में 31 गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया, जिनमें ज्यादातर असम नंबर की थीं। इसके बाद दोनों राज्यों ने एक-दूसरे की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी है।

असम और मेघालय का सीमा विवाद नया नहीं है। मेघालय 1972 में असम से अलग होकर बना था। तब से 12 क्षेत्रों को लेकर दोनों राज्यों में मतभेद हैं। लगभग 884 किलोमीटर लंबी सीमा पर अक्सर तनाव होता रहा है। केंद्र सरकार और दोनों राज्यों ने बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश की है और छह क्षेत्रों पर सहमति भी बनी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर अविश्वास अभी भी गहरा है। इस अविश्वास का फायदा कुछ संगठन उठा रहे हैं और स्थानीय लोगों को बाहरी बनाम भीतरी के नाम पर भड़का रहे हैं। जब छात्र संगठन की रैली में असम के आम नागरिकों पर हमला होता है तो यह आंदोलन नहीं, नफरत का प्रदर्शन बन जाता है।

भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता है। पूर्वोत्तर भारत का संवेदनशील क्षेत्र है, जहां चीन, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाएं लगती हैं। ऐसे में यदि देश के ही दो राज्यों के लोग एक-दूसरे को दुश्मन समझने लगें तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। सड़क पर नाकेबंदी से संविधान के अनुच्छेद 19 और 301 के तहत मिलने वाली आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता प्रभावित होती है। आखिर जब देश में नागरिकों को बाहरी कहा जाएगा तो राष्ट्रीय एकता कैसे बचेगी?

असम और मेघालय विकास के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं। असम पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार है और मेघालय की अधिकांश जरूरी वस्तुएं असम से होकर जाती हैं। मेघालय के पर्यटन और कृषि का बड़ा बाजार असम है। नाकेबंदी और मारपीट से दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। छात्रों, मजदूरों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी।

केंद्र सरकार को दर्शक नहीं बनना चाहिए। गृह मंत्रालय को तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संयुक्त बैठक करनी चाहिए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई संगठन इस तरह की हिंसा की हिम्मत न करे। सीमा विवाद सुलझाने वाली समितियों को भी तेजी से काम करना होगा। मेघालय के प्रबुद्ध नागरिकों, छात्र संगठनों और असम के लोगों को शांति की अपील करनी होगी। पहाड़ी और मैदानी लोगों के बीच कोई दुश्मनी नहीं है। हम सब भारतीय हैं और हमारी ताकत आपसी सहयोग में है।

असम-मेघालय विवाद चेतावनी है कि छोटे-छोटे स्थानीय विवाद राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बन सकते हैं। राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आपसी सहयोग ही हमें मजबूत बनाते हैं। जरूरत है कि हम राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर देश की एकता के बारे में सोचें और हर नागरिक को सुरक्षित महसूस कराएं। तभी हम एक मजबूत भारत का सपना पूरा कर पाएंगे।

|
वीडियो फीचर

शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं महिलाओं का पुलिस से विवाद, लाठियां चलीं


पांढुरना में गोटमार परंपरा के नाम पर बरसे पत्थर, 700 पुलिसकर्मी तैनात

जहरीली शराब कांड का आरोपी रवि लखेरा एनकाउंटर में घायल, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

सागर जहरीली शराब कांड पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान | दोषियों को ऐसा सबक सिखाएंगे!

भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का आंदोलन, सड़क जाम से भारी ट्रैफिक

शिक्षक दिवस पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, TET अभ्यर्थी दे सकेंगे ऑफलाइन परीक्षा

आज का राशिफल

व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शुभांक-4-6-8

आज का मौसम

भोपाल

22° / 31°

Partly sunny

ट्रेंडिंग न्यूज़