पिछले दिनों मध्यप्रदेश के एक जिले में बहुचर्चित चुनाव में सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी की हार के बाद बहुत से सलाहकार सामने आ रहे हैं। कुछ तो मुख्यालय पर आकर यह दावा कर रहे हैं कि हमने तो बहुत पहले ही आगाह किया था, लेकिन हमारी सुनी नहीं गई।
हालांकि, सलाह देते समय माननीय यह भूल गए कि 15 दिन शानदार होटल में पूरे लाव-लश्कर के साथ माननीय ने चुनावी पर्यटन का पूरा लाभ उठाया, चुनाव के दौरान कुछ भी नहीं बताया। अब उपदेश कुशल बहुतेरे की तरह सुझाव दे रहे हैं।















