नागपुर, 25 अगस्त।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि अब वह पहले जैसी सक्रियता से काम नहीं कर पा रहे हैं और नई पीढ़ी को आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। इस बयान के बाद उनके राजनीति से संन्यास लेने की अटकलें लगने लगीं।
नितिन गडकरी वर्तमान में केंद्र सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे, जिसके बाद उनके कार्यालय की ओर से इस पर स्पष्टीकरण जारी किया गया।
गडकरी ने कार्यक्रम में कहा था कि वह पिछले करीब तीन दशकों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। अब पहले जैसी सक्रियता नहीं रही है और पुरानी पीढ़ी की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देने की होनी चाहिए।
यह बयान उस समय सामने आया है जब केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इसी वजह से गडकरी के बयान को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जाने लगा।
हालांकि, गडकरी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि उनके बयान का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। कार्यालय के अनुसार, गडकरी लक्ष्मणराव मांकड़ ट्रस्ट के संदर्भ में बात कर रहे थे, जिसकी स्थापना उन्होंने की थी। यह ट्रस्ट आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय संचालित करता है।
कार्यालय की ओर से कहा गया कि गडकरी की टिप्पणी इस संस्था के कामकाज और भविष्य के नेतृत्व को लेकर थी। उन्होंने युवा पीढ़ी को बड़ी जिम्मेदारी संभालने का अवसर देने की बात कही थी।
स्पष्टीकरण में यह भी कहा गया कि कुछ माध्यमों ने उनके बयान को राजनीतिक संदर्भ में प्रस्तुत किया, जबकि बयान का वास्तविक संदर्भ ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था।
अब नितिन गडकरी के इस बयान के राजनीतिक मायने क्या हैं, यह केंद्र सरकार में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल बदलाव के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।















