भोपाल, 25 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 26 अगस्त को भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में गॉदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की विस्तारित चौथी विनिर्माण इकाई का शुभारंभ करेंगे। इस विस्तार पर 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इससे मालनपुर में उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ 2,250 से अधिक नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीडब्ल्यूडी नियुक्तियों के प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे। इस अवसर पर श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री और भिंड जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गॉदरेज समूह के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
विस्तारित इकाई में 10 मीट्रिक टन प्रति घंटे क्षमता वाला निरंतर सैपोनिफिकेशन संयंत्र और प्रति मिनट 217 बंडल तैयार करने वाली स्वचालित पैकेजिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है। इसके अलावा यहां हर साल 42 करोड़ हेयर कलर सैशे, 14 करोड़ मच्छर निरोधक उत्पाद और 10 करोड़ एयर फ्रेशनर सैशे बनाने की क्षमता विकसित होगी। हेयर क्रीम उत्पादन की क्षमता भी बढ़कर 7,300 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी।
इस विस्तार से भिंड और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। राज्य को हर साल करीब 185 करोड़ रुपये के अतिरिक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर और राज्य वस्तु एवं सेवा कर राजस्व मिलने की संभावना जताई गई है।
गॉदरेज ने उत्पादन विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया है। कंपनी डॉव जोंस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स के अनुसार दुनिया की दूसरी सबसे टिकाऊ एफएमसीजी कंपनियों में शामिल है। मालनपुर संयंत्र में शून्य तरल अपशिष्ट उत्सर्जन प्रणाली के साथ 204 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा।
गॉदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड वर्ष 1991 से मालनपुर में संचालित है। 65 एकड़ क्षेत्र में फैले इस संयंत्र में अब तक 850 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। तीन दशक से अधिक समय में यह इकाई गॉदरेज के विनिर्माण नेटवर्क के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुई है, जहां साबुन, हेयर कलर और घरेलू कीटनाशक समेत कई उत्पादों का निर्माण होता है।
नई विनिर्माण इकाई के विस्तार के बाद मालनपुर संयंत्र की उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। वर्तमान में यहां हर साल 1 लाख 50 हजार मीट्रिक टन साबुन नूडल्स और 70 हजार मीट्रिक टन तैयार टॉयलेट साबुन का उत्पादन होता है। विस्तार के बाद साबुन नूडल्स की क्षमता बढ़कर 2 लाख मीट्रिक टन और तैयार साबुन की क्षमता 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 3 लाख 20 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। इसके साथ मालनपुर संयंत्र एशिया की सबसे बड़ी एकीकृत साबुन विनिर्माण इकाई बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।















