भोपाल, 25 अगस्त।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नई खेलो इंडिया योजना के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक 36,441 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में योजना से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि इससे पहले की तुलना में करीब 10 गुना अधिक खिलाड़ी लाभान्वित होंगे।
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक खिलाड़ियों के विकास की पूरी व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से खेलों को युवा विकास, राष्ट्र निर्माण और भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार खेल बजट में आठ गुना वृद्धि हुई है। नई खेलो इंडिया योजना के जरिए बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रयास करेगा।
खेल और शिक्षा को जोड़ा जाएगा
मंत्री सारंग ने बताया कि नई योजना को खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें खेलों को शिक्षा, फिटनेस, तकनीक और उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्कूलों से ही खिलाड़ियों की प्रतिभा की पहचान की जाएगी, जिससे शुरुआती स्तर पर प्रतिभाओं को निखारकर भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।
जमीनी स्तर से ओलंपिक तक तैयार होगी व्यवस्था
मंत्री सारंग ने कहा कि योजना में प्रतिभा पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतियोगिताएं, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और ओलंपिक तैयारी को शामिल किया गया है। इसके तहत जमीनी स्तर की प्रतियोगिताओं से लेकर खेलो इंडिया कार्यक्रम और टार्गेट ओलंपिक पोडियम योजना तक खिलाड़ियों के विकास का मार्ग तैयार किया जाएगा।
खेल संस्थाओं में बनेगा बेहतर तालमेल
उन्होंने बताया कि नई योजना में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, मान्यता प्राप्त खेल अकादमियां, खेलो इंडिया केंद्र और सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को शामिल किया जाएगा। इससे खेल क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
स्कूलों से होगी प्रतिभाओं की पहचान
मंत्री सारंग ने बताया कि स्कूलों को खेल प्रतिभा खोज का बड़ा केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नई खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय योजना के माध्यम से खेलों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। वहीं इमरजिंग खेलो इंडिया एथलीट्स श्रेणी के माध्यम से खिलाड़ियों के समूह का विस्तार किया जाएगा।
फिटनेस और नशामुक्ति अभियान को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री सारंग ने कहा कि योजना में फिट इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने, महिलाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने और दूरदराज व सीमावर्ती क्षेत्रों तक खेल सुविधाएं पहुंचाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही नशे के खिलाफ खेल आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। योजना में पैरा एथलीटों, पारंपरिक खेलों और सामुदायिक विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
कोचिंग और तकनीक से मजबूत होगी खेल व्यवस्था
मंत्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड के माध्यम से कोचिंग व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल खेल मंच और निजी खेल अकादमियों व कॉर्पोरेट संस्थानों के सहयोग से खेल ढांचे, प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की सहायता व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में तैयार होगी विशेष रणनीति
मंत्री सारंग ने कहा कि नई खेलो इंडिया योजना के तहत मध्य प्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसर मिलेंगे। प्रदेश में खेल क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा और भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय प्रतिभाओं और क्षेत्रों की क्षमता के आधार पर अलग-अलग रणनीति तैयार की जाएगी।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
मंत्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय खेल महासंघों को बढ़ी हुई सहायता के माध्यम से कोचिंग, खेल उपकरण, खेल विज्ञान, विदेशी विशेषज्ञों की सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों, ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की भारत की आकांक्षाओं तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प को मजबूत करेगी।















