जयपुर, 25 अगस्त।
जयपुर की स्थायी लोक अदालत ने बैंकिंग सेवाओं में लापरवाही का एक कड़ा फैसला सुनाते हुए खाते से पैसे कटने के बाद भी बिजली बिल जमा न होने की घटना को गंभीर सेवा दोष माना है। अदालत ने इस मामले में एसबीआई बैंक की बड़ी गलती मानते हुए उस पर बत्तीस हजार रुपये का आर्थिक हर्जाना लगाया है तथा उपभोक्ता के खाते से काटी गई मूल राशि को भी पूरे ब्याज के साथ वापस लौटाने के सख्त आदेश जारी किए हैं। यह पूरा न्याय प्रमेन्द्र कुमार तोमर द्वारा दायर किए गए एक परिवाद पर सुनवाई के बाद दिया गया है।
शिकायत के मुताबिक प्रार्थी ने वर्ष 2022 के अप्रैल महीने में डिजिटल माध्यम यानी भीम ऐप के जरिए बिजली बिल के रूप में पैंतालीस सौ सात रुपये का भुगतान किया था, जिसके तहत बैंक खाते से रकम तो तत्काल कैट ली गई थी लेकिन लेनदेन का स्टेटस फेल बता रहा था। जब तय समय सीमा के भीतर रिफंड की रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित ने बिजली विभाग से संपर्क किया, जहां उसे पता चला कि विभाग को कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण तय तिथि निकल जाने पर उसे पेनल्टी के रूप में अतिरिक्त पैसे चुकाकर अपना बिल भरना पड़ा था।















