अनूपपुर, 25 अगस्त।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए यूकेलिप्टस सहित अन्य विदेशी प्रजातियों के पौधों के रोपण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रत्नाकर झा ने वन मंडल अनूपपुर के प्रतिवेदन के आधार पर मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया।
जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय संस्थानों और शासकीय भूमि पर अब यूकेलिप्टस तथा अन्य विदेशी प्रजातियों के पौधे नहीं लगाए जाएंगे। इनके स्थान पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल आरईटी प्रजातियों और ग्रामीण समुदाय के दैनिक उपयोग में आने वाले स्थानीय पौधों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, पहले लगाए गए यूकेलिप्टस के पेड़ों को हटाकर उनके स्थान पर स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है। विशेष रूप से नर्मदा नदी के उद्गम क्षेत्र के आसपास यूकेलिप्टस हटाने के बाद स्थानीय प्रजातियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रशासन ने आदेश में वैज्ञानिकों के सुझावों का उल्लेख करते हुए यूकेलिप्टस के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी है। इसके अनुसार यूकेलिप्टस के पेड़ों से मिट्टी में कुछ रासायनिक तत्व निकलते हैं, जिसे एलीलोपैथी प्रक्रिया कहा जाता है। इसका असर आसपास उगने वाली स्थानीय वनस्पतियों की वृद्धि पर पड़ सकता है।
इसके अलावा यूकेलिप्टस के फूल स्थानीय पक्षियों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। इससे क्षेत्र की जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना जताई गई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी के अनुरूप पौधरोपण करने से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण भी हो सकेगा।















