भोपाल, 25 अगस्त।
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की डिजिटल व्यवस्थाओं से नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और आसान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत मॉडल जिला और मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल की राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि चयनित मॉडल जिलों और स्वास्थ्य संस्थाओं में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। साथ ही यहां तैयार होने वाली बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रदेश की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचाया जाए।
उप मुख्यमंत्री ने डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों के शत-प्रतिशत उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के बेहतर समावेश और नागरिकों को केंद्र में रखकर सेवा व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मॉडल जिला और मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल को केवल तकनीकी योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार के अभियान के रूप में आगे बढ़ाना चाहिए। जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और संबंधित नोडल अधिकारी आपसी समन्वय से काम करें।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए टेलीमेडिसिन के अधिक उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार आईपीएचएस-12 मानकों के अनुसार पदों के सृजन, आवश्यक भर्ती और स्वास्थ्य संस्थाओं में जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से मिशन मोड में कार्य करते हुए मध्य प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और संस्थाओं का सम्मान
कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बेहतर कार्य करने वाले जिलों और स्वास्थ्य संस्थाओं को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सम्मानित किया।
आभा आईडी निर्माण में जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और सतना को सम्मानित किया गया। टोकन जनरेशन में जिला चिकित्सालय भोपाल और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल इंदौर को तथा स्वास्थ्य अभिलेख फाइलिंग में जिला चिकित्सालय जबलपुर और एम्स भोपाल को सम्मान मिला।
उप मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी उपयोग का संकल्प दिलाया।
डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से नागरिकों को अधिक सरल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
उन्होंने मॉडल जिला और मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल से मिले अनुभवों को अन्य संस्थाओं तक पहुंचाने और प्रदेश की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही।
आयुष्मान भारत योजना मध्य प्रदेश के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बताया कि अगस्त 2026 तक प्रदेश में 5 करोड़ 90 लाख से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 20,444 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का स्वास्थ्य संस्था रजिस्टर और 19,274 स्वास्थ्यकर्मियों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्टर में पंजीयन हो चुका है।
उन्होंने बताया कि मॉडल जिला और मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल के तहत डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बेहतर उपयोग, संस्थागत प्रक्रियाओं में तकनीक के समावेश और बेहतर समन्वय पर काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस., विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रतिनिधि और शासकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों के अधिकारी मौजूद रहे।















