भोपाल, 25 अगस्त।
मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग का कल्याण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन स्तर में सुधार हो सके।
मंत्री चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के कार्यों और संचालित योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री चौहान ने भिंड, मुरैना, शाजापुर और विदिशा में स्वीकृत कन्या छात्रावासों के निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में आने वाली समस्याओं का समाधान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला अधिकारियों के समन्वय से तत्काल किया जाए।
उन्होंने आगामी बैठक में छात्रावास निर्माण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। समीक्षा के दौरान पहले से चल रहे छात्रावास निर्माण कार्यों, नए स्वीकृत छात्रावासों की स्थिति और संत रविदास सामुदायिक भवनों के निर्माण की भी जानकारी ली गई।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बजट आवंटन और खर्च की समीक्षा की गई। मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, अत्याचार निवारण अधिनियम 1989, प्री और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति, कक्षा 1 से 8 तक की छात्रवृत्ति, दिल्ली छात्रवृत्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण और आवास सहायता योजना की प्रगति की जानकारी ली।
मंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर छात्रवृत्ति से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतों को कारणों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनका जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा बैठक में ज्ञानोदय विद्यालयों में इनडोर स्टेडियम निर्माण, प्राचार्यों और शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने, शैक्षणिक एवं अधोसंरचना विकास योजनाओं, स्वरोजगार योजनाओं, आकांक्षा योजना और विभाग की विभिन्न पुरस्कार एवं सम्मान योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त डॉ. सतेंद्र सिंह, अपर आयुक्त संजय वार्ष्णेय सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।















